रबी धान्‍य फसलों हेतु प्रश्‍न एवं उत्‍तर

प्रश्‍न

उत्‍तर

1. गेहूं की कौन सी उन्‍नतिशील प्रजाति है, जो कम समय में ली जा सकती हैं ? पी.वी.डब्‍ल्‍यू. 343, यू.पी.2338, एच.यू. डब्‍ल्‍यू. 234, के. 9465, राज 3765, लोक
2. ऊसर क्षेत्रों हेतु कौन-कौन सी प्रजातियां उपयुक्‍त हैं ? के. आर. एल. 1-4, राज 3077, लोक-1, पी.वी.डब्‍ल्‍यू. 651
3. कन्‍डुआ रोग गेहूं की कौन-कौन सी प्रजातियां हैं ? नरेन्‍द्र - 1014

 

4.

औसतन गेहूं की फसल में कितनी सिंचाई की जाय तथा उसका उपचार कैसेट करें ?

 

  4 से 6 सिंचाइयां आवश्‍यकतानुसा :-

1- ताज मूल अवस्‍था 20 से 25 दिन पर

2- कल्‍ला निकलते समय 40'45 दिन पर

3- गांव बनते समय 60 से 65 दिन पर

4- पुष्‍पा अवस्‍था 80 से 85 दिन पर

5- दुग्‍घावस्‍था 100 से 105 दिन पर

6- दाना भरते समय 115 से 120 दिन पर

5. गेहूं का मामा और गेहूं पौधे में क्‍या पहचान है तथा उसका उपचार कैसेट करें ?

1- गेहूं के पत्‍ते हल्‍के हरे होते हैं जबकि गेहुंसा के पत्‍ते हरे रंग के होते है।

2- गेहूं के तने की गाठ हल्‍का सा लाल रंग लिये होती है।
arrow33.gif (5832 bytes)   उपचार :-
1- पहली सिंचाई के बाद एक माह की फलस पर आइसोप्रोटयूरान 75 डब्‍ल्‍यू. पी. की 1किलोग्राम मात्रा 700 से 800 लीटर पानी में मिलाकर फलैट फैन नाजिल से छिड़काव किया जाय।

2- हाथ द्वारा निराई कराकर चारा के रूप में प्रयोग कर सकते हैं।

3- बीज बनने से पहले खरपतवार के पौधे खेत से बाहर कर लें ताकि गेहूं के मामा का प्रसार न होने पाये ।

6. गेरूई कितने प्रकार की होती है गेहूं की फसल में इसका उपचार क्‍या है ? गेरूई तीन प्रकार की होती है, पीली, भूरी और काली गेरूई

arrow33.gif (5832 bytes) उपचार :-
1- 2.5 ग्राम थीरम या कार्बेडाजिम द्वारा 1किलो बीज की दर से बीज शोधन।

2- मैनको जेब 2 किलो या जिनेब 2.5 किलोग्राम प्रति हैक्‍टेयर 700-800 लीटर पानी के साथ छिड़काव किया जाय।

7. यदि एक माह से ज्‍यादा दिन की गेहूं की फसल हो जाय तो क्‍या उस समय आइसो- पोट्यूरान दवा का छिड़काव हो सकता है ? केवल 30 से 35 दिन की फसल पर इस दवा का छिड़काव उपयोगी है। बहुत देर से छिड़काव करने पर खरपतवार नष्‍ट नहीं होते तथा गेहूं की बालियां टेड़ी मेढ़ी हो जाती है।
8. यदि सिंचाई की सुविधा उपलब्‍ध नहीं है तो गेहूं की कौन सी प्रजाति बोयी जाय ? राज 3077, के. 78, के. 8027 (मगहर), सी.306, पी.वी. डब्‍ल्‍यू. 175, के. 8962, के. 9465
9. गेहूं के नाज भण्‍डारण में कौन सी दवा डाली जाय ताकि कीड़े आदि न लगें ? ई.डी.वी. एम्‍पुल या अल्‍युमिनियम फास्‍फाइड की टिकिया/ अधिक जानकारी के लिए कृषि रक्षा इकाईयों से अथवा जिला कृषि रक्षा अधिकारी से सम्‍पर्क स्‍थापित किया जाय।
10. क्‍या थ्रेशर पर अनुदान की सुविधा उपलब्‍ध है यह यंत्र कहां पर मिलते हैं ?

1- हां, मूल्‍य का 25प्रतिशत अनुदान अधिकतम 10,000/- रूपये प्रति यन्‍त्र कृषक।

2- यू.पी. स्‍टेट एग्रो इन्‍ड0 कारपोरेशन के विक्रय केन्‍द्रों पर कृषि यन्‍त्र अनुदान पर मिलते हैं।

11. चूहों के नियत्रंण हेतु क्‍या-क्‍या किया जाय ?

1' पहले दिन खेत के सभी बिलों को बन्‍द कर दिया जाय दूसरे दिन जो बिल खुली मिले तो यह निश्चित हो जाता है कि इसी बिल में चूहा रहता है तीसरे दिन उस बिल में प्रात: अल्‍यूमीनियम की टिकिया डालकर बिल बन्‍द कर दे। जहरीली गैस बनने पर चूहा अन्‍दर ही मर जाता है।

2- जहरीली चारा बनाकर खेत में बिखेर दें। जिंक फास्‍फास्‍इड या बेरियम कार्बोनेट लेकर कड़वा तेल मिलाकर भुना हुआ चना या अनाज में मसल कर कागज के टुकड़ों में खेत में रख दें जब चूहा खायेगा तो मर जायेगा।

12. बहुत देर से गेहूं बोने की अवस्‍था में क्‍या अकुंरित गेहूं बोया जा सकता हैं ? हॉं परन्‍तु बुआई कूड़ों में की जाय।
13. जौ की देर से बोयी जाने वाली प्रजातियां कौन-कौन सी हैं ? लखन, ज्‍योति, जागृति आर.एस.6
14. जौ की ऊसर में बोयी जाने वाली प्रजातियां कौन-कौन सही हैं ? विजय आजाद।
15. जौ में कितनी सिंचाइयों की आवश्‍यकता होती है ?

कुल 2 सिंचाईयों की आवश्‍यकता होती है।

1- पहली सिंचाई 30 से 35 दिन पर।

2- दूसरी सिंचाई बाली की दुग्‍धावस्‍था परा