तिलहनी फसलों हेतु प्रश्‍न एवं उत्‍तर

पश्‍न

उत्‍तर

1. मूंगफली की उन्‍नतिशील प्रजातियां कहां से प्राप्‍त की जा सकती हैं ? arrow33.gif (5832 bytes) कृषि विश्‍वविद्यालयों से
arrow33.gif (5832 bytes) कृषि विभाग के बीज भण्‍डारों से
arrow33.gif (5832 bytes)सहकारिता विभाग के सघन सहकारी समितियों से
arrow33.gif (5832 bytes)यू0पी0 एग्रो के क्रय केन्‍द्रों से प्राप्‍त कर सकते है।
2. मूंगफली की फसल में टिक्‍का रोग तथा सफेद गिडार का नियंत्रण कैसेट किया जाय ?

 

1- बीज बोने से पूर्व 2 ग्राम थीरम और 1 ग्राम कार्बेन्‍डाजिम 50 प्रतिशत घुलनशील चूर्ण के मिश्रण से प्रतिकिलोग्राम बीज शोधन किया जाय।

2- खड़ी फसल में जिक कार्बोमेट-2 किलो अथवा जिनवे 2.5 किलो के घोल से 10-10 दिन के अन्‍तर पर छिड़काव किया जाय।

3- सफेड गिडार नियंत्रण हेतु बुवाई से 3-4 घण्‍टे पूर्व क्‍लोरपायरीफीस 20 ई0सी0 या क्‍यूनालफास 25ई0सी0 की 25 मिलीलीटर मात्रा से बीज (गिरी) को उपचारित करके बोये। खड़ी फसल में उपरोक्‍त रसायन की 4 लीटर मात्रा प्रति हैक्‍टेयर की दर से आवश्‍यक पानी में घोल कर छिड़काव किया जाय।

3. तिल की फसल में फिल्‍लोडी रोग क्‍या है तथा उसके नियत्रण की सुविधा कहां से मिल सकती हैं ? यह रोग माइकोप्‍लाजमा द्वारा होता है पुष्‍प विन्‍यास पत्तियों के रूप में बदल कर विकृत होकर गुच्‍छेदार हो जाता है इसका वाहक कीट फुदकाहॅ नियंत्रण हेतु फोरेट 10-जी की 15 किलोग्राम मात्रा बुवाई से पूर्व ही कूड़ में डाल दी जाय। तिल की बुवाई समय से पहले न करें। विकास खण्‍ड स्‍तर पर स्‍थापित कृषि रक्षा इकाइयां, सहकारिता विभाग के साधन सहकारी समितियों के गोदाम तथा यू0 पी एग्रो स्‍टेट के क्रय केन्‍द्रों से रसायन प्राप्‍त कर सकते है।
4. तोरिया का बीज कहां और कब मिल सकता है ? कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, यू0पी0 स्‍टेट एग्रो के गोदाम से तथा कृिष विश्‍वविद्यालय से बीज प्राप्‍त कर सकते है यह बीज अगस्‍त, सितम्‍बर में मिल सकता है।
5. सरसों में माहूं कीट नियत्रण की दवा का छिड़काव कब करें ? 30 प्रतिशत से अधिक हानि होने पर ही उपयुक्‍त रहता हैं।
6. आर्थिक क्षति स्‍तर क्‍या होता है तथा दवा का छिड़काव कब करें ? संक्रमण का स्‍तर जिस पर क्षति नहीं होती है इस क्षति स्‍तर के विस्‍तार पर दवा का प्रयोग आवश्‍यक है विभिन्‍न फसलों में क्षति स्‍तर अलग-अलग होता है।
7. कृषि रक्षा रसायानों के छिड़काव के समय क्‍या-क्‍या सावधानियां बरती जाय ?  arrow33.gif (5832 bytes)माउथ मास्‍क लगाये या मुहं पर कपड़ा बांधे।
arrow33.gif (5832 bytes)हवा के विपरीत दिशा में छिड़काव करें।
arrow33.gif (5832 bytes)कोई वस्‍तु न खाये।  
arrow33.gif (5832 bytes)छिड़काव के बाद स्‍नान कर लें।
arrow33.gif (5832 bytes)बाल्‍टी और यंत्र को धो डाले।
arrow33.gif (5832 bytes)खाली पैकिट डिब्‍बे मिट्टी में गाड़ दें।
8. मित्र एवं शत्रु कटि की क्‍या पहचान हैं ?

कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, यू0पी0 स्‍टेट एग्रो के गोदाम से तथा कृषि विश्‍वविद्यालय से बीज प्राप्‍त कर सकते है यह बीज अगस्‍त, सितम्‍बर में मिल सकता है।

9. सूरजमुखी की फसल में परसेंचन किया किस प्रकार की जाय ? कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, यू0पी0 स्‍टेट एग्रो के गोदाम से तथा कृषि विश्‍वविद्यालय से बीज प्राप्‍त कर सकते है यह बीज अगस्‍त, सितम्‍बर में मिल सकता है।
10. तुलसिता रोग, झुलसा रोग एवं पाउडरी मिल्‍डयू रोग क्‍या है तथा उपचार क्‍या है ?

1- दहहनी फसलों के तुलसिता पत्‍ती के ऊपरी सतह पर पीले धब्‍बे पाये जाते है।

2- झुलसा रोग :- पत्‍ती पर किनारे से भूरे धब्‍बे पाये जाते हैं।

3- पाउडरी मिल्‍डयू में पत्‍ती के स‍तह पर सफेद रंग के पाउडर जैसा पदार्थ जम जाता है।

नियंत्रण :-

1- 2.5 ग्राम थीरम प्रति किलोग्राम बीज की दर से बीज शाधन करके।

2- मैनको जैब 2 किलो प्रति हैक्‍टेयर पानी के साथ छिड़काव किया जाय।

11. तिलहनी फसलों पर कीट/रोग नाशक रसायन क्रय करने पर क्‍या किसी प्रकार का अनुदान हैं ?

 

कृषि निवेश के लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम 500/- तक प्रति हेक्‍टेयर अनुदान की सुविधा उपलब्‍ध है। अधिक जानकारी हेतु जिला कृषि अधिकारी। उप कृषि निदेशक (प्रसार) से सम्‍पर्क कर सकते हैं।

12. सल्‍फर के पूर्ति हेतु कौन सा उर्वरक मिटटी में डाला जाय ? जिप्‍सम/सुपरफासफेट बेसल ड्रेसिंग के द्वारा भूमि में डाला जाय।
13. सोयाबीन की फसल में किस बीमारी के कारण उपज नहीं मिल पाती तथा उसके नियंत्रण का उपाय क्‍या हैं ?

पीली चित्‍तवर्ण रोग जिसका विस्‍तार/संक्रमण सफेद मक्‍खी (भुनगा) द्वारा होता है।

उपचार के उपाय :-

1- रोग रोधी प्रजातियों को बुवाई हेतु चयनित किया जाय।

2- इन्‍डोसल्‍फान 35 ई0सी0/250 लीटर प्रति हैक्‍टेयर 700 से 800 लीटर पानी के साथ छिड़काव किया जाय।

14.

सोयाबीन और सूरजमूखी के फसलों हेतु विक्रय केन्‍द्र की क्‍या व्‍यवस्‍था हैं ?

सहकारी संस्‍थाओं तथा निजी कम्‍पनियों द्वारा क्रय किया जाता है ।